June 20, 2026

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सुखजिन्दर सिंह रंधावा द्वारा सन्नी देओल को रील से रियल जि़ंदगी में आने की नसीहत

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जालंधर ब्रीज: पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने सन्नी देओल द्वारा किसान आंदोलन के बारे में की गईं टिप्पणियों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गुरदासपुर से लोकसभा सदस्य को ‘रील’ (फिल्मी) जि़ंदगी से निकल कर ‘रियल’ (असली) जि़ंदगी में जीने की नसीहत देते हुए कहा कि वह अपना ‘ढाई किलो का हाथ’ किसानों के हक में उठाएं। 

आज यहाँ जारी प्रैस बयान में स. रंधावा ने कहा कि अपने आप को खेतों का पुत्र कहलाने वाले अदाकार से राजनीतिज्ञ बने सन्नी देओल कृषि विरोधी कानूनों के अमल में आने और किसानों द्वारा किए जा रहे संघर्ष के पाँच महीने बीत जाने के बाद जागे हैं, परन्तु अब भी किसानों के हक में बोलने की बजाय सीधे रूप में किसानों की दुश्मन बनी केंद्र सरकार की बोली बोल रहे हैं। स. रंधावा ने आगे कहा कि लोकसभा सदस्य ने गुरदासपुर हलके के लोगों ख़ासकर किसानों/मज़दूरों /आढ़तिया की पीठ में छुरा घोंपा है, जिन्होंने उसे जिताकर पार्लियामेंट भेजा था।

उन्होंने कहा कि यह बात हर कोई जानता है कि किसानों द्वारा किया जा रहा संघर्ष केंद्र के कृषि कानूनों के खि़लाफ़ है, परन्तु सन्नी देओल ने अपने राजसी आकाओं को खुश करने के लिए इस संघर्ष के लिए राज्य सरकार को जि़म्मेदार ठहरा कर सिद्ध कर दिया है कि वह लिखे-लिखाए डायलॉग बोलने में ही माहिर है। कैबिनेट मंत्री स. रंधावा ने कहा कि चाहिए तो यह था कि मतदान समय के पर अपने आप को किसान का पुत्र होने का दावा करने वाला सन्नी देओल पंजाब के किसानों की आवाज़ बनता और केंद्र सरकार द्वारा बार -बार अपमानित किए जा रहे किसानों के हक में खड़ा होता।

उन्होंने कहा कि पाँच महीनों बाद आज वह कौन से मुँह से किसानों को सलाह दे रहा है जबकि ज़रूरत के समय पर वह गुरदासपुर छोडक़र मुम्बई बैठा रहा। उन्होंने कहा कि यदि सन्नी देओल को पंजाब के किसानों के प्रति रत्ती भर भी प्यार है तो वह दिल्ली बैठे आकाओं के पास कृषि कानून रद्द करने और पंजाब में लगाई गई बिना एलान किए आर्थिक नाकाबंदी हटाने के लिए हल करें।


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