जालंधर ब्रीज: भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय (जेकेबीओ) ने विश्व मानक दिवस 2026 के अंतर्गत जालंधर में एक हितधारक सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन का आयोजन “बेहतर विश्व के लिए साझा दृष्टिकोण – सतत विकास लक्ष्य 7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा” विषय पर केंद्रित था। इसका उद्देश्य गुणवत्ता के प्रति जागरूकता, मानकीकरण, सतत विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भारतीय मानकों को व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम में उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), शिक्षाविदों, सरकारी विभागों, तकनीकी संस्थानों, परीक्षण प्रयोगशालाओं, उद्योग संघों और मीडिया के लगभग 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन ने उद्योग जगत के हितधारकों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और बीआईएस के अधिकारियों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां उन्होंने गुणवत्ता आश्वासन, उत्पाद सुरक्षा, बीआईएस प्रमाणन, सतत औद्योगिक कार्यप्रणालियों तथा औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में मानकों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।

उद्घाटन सत्र में डॉ. बी. आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जालंधर के रजिस्ट्रार प्रो. अनीश कुमार सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केंद्रीय हस्त औजार संस्थान (सीआईएचटी), जालंधर के प्रधान निदेशक श्री पी. के. वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। यूनाइटेड फोरम ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड, जालंधर के अध्यक्ष श्री नरिंदर सिंह सग्गू तथा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंड्रीमेन, जालंधर के संयुक्त सचिव श्री विशाल गौतम विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर बीआईएस, जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-ई/निदेशक एवं प्रमुख श्री जीवनानंदम डी., वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री कुंदन गिरि, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री वेसलापु अविनाश बाबू, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री मनीष कुमार तथा बीआईएस-जेकेबीओ के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और अन्य गणमान्य प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ हुआ, जिसके बाद उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया और श्री जीवनानंदम डी ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और सतत विकास सुनिश्चित करने में भारतीय मानकों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने गुणवत्ता संबंधी व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मानकों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए बीआईएस, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और सरकारी संस्थानों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने उद्घाटन संबोधन में मुख्य अतिथि प्रो. अनीश कुमार सचदेवा ने सतत विकास लक्ष्य 7 (एसडीजी 7), अर्थात सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा के उद्देश्यों को प्राप्त करने में शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उभरती औद्योगिक चुनौतियों से निपटने तथा सतत विकास को प्रोत्साहित करने में अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता-उन्मुख कार्यप्रणालियों की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए मजबूत गुणवत्ता संस्कृति विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि श्री पी. के. वर्मा ने गुणवत्तापूर्ण विनिर्माण को बढ़ावा देने तथा हस्त औजार क्षेत्र को मजबूत बनाने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया। विशेष अतिथि श्री नरिंदर सिंह सग्गू और श्री विशाल गौतम ने गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण तथा उद्योग संघों, निर्माताओं और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
कुंदन गिरि ने सम्मेलन के उद्देश्यों की जानकारी दी और विश्व मानक दिवस 2026 का संदेश साझा किया। उन्होंने गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सतत विनिर्माण को प्रोत्साहित करने, ऊर्जा दक्षता में सुधार करने तथा उद्योगों में मानकों को व्यापक रूप से अपनाने में भारतीय मानकों की भूमिका को रेखांकित किया।
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण चार महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर आयोजित पैनल चर्चाओं की श्रृंखला रही। इन चर्चाओं में उद्योग जगत, तकनीकी संस्थानों और शिक्षण जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा सतत विनिर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, ऊर्जा दक्षता और औद्योगिक विकास में भारतीय मानकों की भूमिका पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
पहली पैनल चर्चा में खेल सामग्री और जूते-चप्पलों के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में उत्पाद की गुणवत्ता, सुरक्षा, सतत विनिर्माण कार्यप्रणालियों और मानकीकरण की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। निविया स्पोर्ट्स सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने तकनीकी प्रगति, विनिर्माण प्रक्रियाओं और गुणवत्ता आश्वासन से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श में योगदान दिया।
पैनल चर्चा में हस्त औजारों और फास्टनरों के क्षेत्र में गुणवत्ता आश्वासन, सटीक विनिर्माण, भारतीय मानकों के अनुरूपता तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने विनिर्माण दक्षता में सुधार, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने और बाजार की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के उपायों पर विचार साझा किए। इस पैनल में ईईपीसी इंडिया, इंदर इंडस्ट्रीज और डी नीर्स टूल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
पैनल चर्चा में विश्वसनीय और ऊर्जा-कुशल प्रवाह-नियंत्रण उत्पादों, उत्पादों के प्रदर्शन, परीक्षण, प्रमाणन तथा औद्योगिक सुरक्षा के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया। उद्योग विशेषज्ञों ने मानकीकृत वाल्वों के माध्यम से औद्योगिक संचालन को अधिक दक्ष बनाने, विश्वसनीयता में सुधार करने और संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने में उनके योगदान पर चर्चा की। इस पैनल में लीडर वाल्व्स लिमिटेड, ज़ोलोटो इंडस्ट्रीज और जेबीएस टेस्टिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
पैनल चर्चा में ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन की दक्षता बढ़ाने, परिचालन संबंधी हानियों को कम करने तथा सतत औद्योगिक विकास में मानकीकृत पंपों और मोटरों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना में सिंचाई अभियांत्रिकी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जगराज सिंह मारोक ने कलसी मेटल वर्क्स और सैंटेक इलेक्ट्रो सिस्टम सहित संबंधित क्षेत्रों के अन्य प्रतिनिधियों के साथ पंपों के परीक्षण, कार्य-निष्पादन के मूल्यांकन तथा दक्ष उपकरणों के चयन से जुड़े तकनीकी अनुभव साझा किए।
पैनल चर्चाओं के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उत्पाद की गुणवत्ता, परिचालन दक्षता, सुरक्षा और पर्यावरणीय सततता में सुधार के लिए मानकों के व्यावहारिक उपयोग से जुड़े अनुभवों और तकनीकी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
सम्मेलन में उद्योग जगत के लिए प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए, जिनमें भाग लेने वाले संगठनों के उत्पादों, प्रौद्योगिकियों और विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। इन स्टॉलों ने निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और आगंतुकों के बीच संवाद का अवसर प्रदान किया तथा औद्योगिक विकास और मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने में गुणवत्ता-उन्मुख उद्यमों के योगदान को रेखांकित किया।
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले संगठनों में दोआबा कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड, कलसी मेटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, एस्सएस्स काय इंजीनियरिंग कंपनी (प्राइवेट) लिमिटेड, अजय इंडस्ट्रीज, एचएस हॉलमार्किंग सेंटर, करतार वाल्व्स प्राइवेट लिमिटेड और निविया स्पोर्ट्स शामिल थे।
प्रदर्शनी के माध्यम से उत्पादों, विनिर्माण कार्यप्रणालियों, गुणवत्ता आश्वासन और लागू भारतीय मानकों के अनुरूपता के महत्व से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान किया गया।
सम्मेलन की एक अन्य प्रमुख विशेषता डॉ. बी. आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर तथा शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू (एसकेयूएएसटी-जम्मू) के विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान परियोजनाओं के स्टॉलों पर अपने नवोन्मेषी विचारों और तकनीकी परियोजनाओं का प्रदर्शन रहा।
विद्यार्थियों की इन प्रदर्शनियों ने युवा नवप्रवर्तकों को अपने वैज्ञानिक विचारों और तकनीकी कार्यों को प्रस्तुत करने का मंच प्रदान किया तथा शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया। इस पहल ने समकालीन औद्योगिक और सतत विकास संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक सोच, नवाचार और प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की विज्ञान परियोजनाओं तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कारों का वितरण और प्रतिभागियों को सम्मानित करना भी शामिल था। इस पहल का उद्देश्य युवा प्रतिभागियों के बीच रचनात्मकता, तकनीकी उत्कृष्टता और ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना था।
भारतीय मानकों को व्यापक रूप से अपनाने तथा उद्योग जगत के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के प्रयासों के तहत बीआईएस, जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय ने जालंधर क्षेत्र के नव-लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं को लाइसेंस संबंधी दस्तावेज वितरित किए। इस पहल ने लागू भारतीय मानकों के अनुरूपता, उत्पादों की निरंतर गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के विश्वास के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, इसने निर्माताओं को गुणवत्ता-आधारित उत्पादन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में सम्मेलन में भागीदारी और योगदान के लिए विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों, उद्योग प्रतिनिधियों और पैनल सदस्यों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का समापन बीआईएस, जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री वेसलापु अविनाश बाबू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान और उद्योग जगत के साथ संवाद का सार्थक मंच बनाने में योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों, भाग लेने वाले उद्योगों, शैक्षणिक संस्थानों, पैनल सदस्यों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रात्रिभोज का आयोजन किया गया।
इस पहल के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो ने उद्योग जगत के साथ संपर्क मजबूत करने, भारतीय मानकों और बीआईएस प्रमाणन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और अन्य औद्योगिक हितधारकों के बीच गुणवत्ता-सचेत विनिर्माण कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
हितधारक सम्मेलन ने सतत विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को आगे बढ़ाने में मानक निकायों, उद्योग जगत, सरकारी संस्थानों और शिक्षण जगत के बीच सहयोग के महत्व को और मजबूत किया। यह पहल विश्व मानक दिवस 2026 की विषयवस्तु तथा सतत विकास लक्ष्य 7 — सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा — के अनुरूप रही और इसने अधिक सतत तथा गुणवत्ता-सचेत औद्योगिक परिवेश के निर्माण में मानकीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

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