जालंधर ब्रीज: पंजाब क्रिकेट के लिए गौरव के पलों में उस समय और इजाफा हुआ, जब पंजाब अंडर-19 टीम के खिलाड़ी 13 साल बाद वीनू मांकड़ ट्रॉफी जीतकर पंजाब वापस पहुंचे। मोहाली एयरपोर्ट पर पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के मानद सचिव सरदार गुरमीत सिंह मीत हेयर ने विजेता टीम का स्वागत किया और खिलाड़ियों को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी।
पंजाब अंडर-19 टीम ने इंदौर के दिल्ली कॉलेज ग्राउंड में खेले गए फाइनल मुकाबले में मुंबई को हराकर वीनू मांकड़ ट्रॉफी अपने नाम की। पंजाब ने यह प्रतिष्ठित खिताब 13 साल के लंबे इंतजार के बाद जीतकर पंजाब क्रिकेट के इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है।

विजेता टीम के स्वागत के लिए मोहाली एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी भी पहुंचे। इस मौके पर खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों का जोश एवं उत्साह देखते ही बनता था।
मीत हेयर ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि पंजाब अंडर-19 टीम की यह जीत पंजाब क्रिकेट के लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार क्रिकेट खेली और फाइनल में मुंबई को हराकर अपनी काबिलियत साबित की।

उन्होंने कहा, “पंजाब क्रिकेट लगातार तरक्की कर रही है और हमारी टीमें विभिन्न फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। अंडर-19 टीम द्वारा 13 साल बाद वीनू मांकड़ ट्रॉफी जीतना हमारे लिए बेहद खुशी और गर्व का पल है। हमें अपने युवा खिलाड़ियों की मेहनत और काबिलियत पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि आने वाले समय में पंजाब क्रिकेट कई और बड़ी ट्रॉफियां अपने नाम करेगी।”
मीत हेयर ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और टीम से जुड़े सभी सदस्यों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने युवा क्रिकेटरों के इस शानदार प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह जीत पंजाब में क्रिकेट के मजबूत भविष्य की एक और मिसाल है।
खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
इस टीम में शामिल अर्जुन राजपूत 695 रनों के साथ टीम के टॉप स्कोरर रहे, जिसमें तीन शतक शामिल हैं। अर्जुन राजपूत ने गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11 विकेट हासिल किए और ऑलराउंड प्रदर्शन किया।

ईशान सूद ने टूर्नामेंट में कुल 13 विकेट हासिल किए, जिसमें फाइनल में उनके चार विकेट भी शामिल हैं।
सागर विर्क ने टूर्नामेंट में कुल 351 रन बनाए, जिसमें फाइनल में खेली गई उनकी शानदार 111 रनों की पारी भी शामिल है।

साहिबजोतवीर सिंह ने टूर्नामेंट में कुल 19 विकेट हासिल किए, जो टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट हैं।
उमेश गिल ने कुल 368 रन, जबकि ऋषभ गुप्ता ने 278 रन बनाए। ऋषभ गुप्ता ने सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में शानदार अर्धशतक लगाए।
वहीं लक्ष्य कांसल ने टूर्नामेंट में कुल 12 विकेट हासिल किए।

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