August 19, 2026

Jalandhar Breeze

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पंजाब पुलिस द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के तालमेल से दविंदर बंबीहा गिरोह के तीन गुर्गों को मलेशिया से वापस भारत लाया गया

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जालंधर ब्रीज: गैंगस्टरां ते वार’ मुहिम के दौरान अंतर-राष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता दर्ज करते हुए, काउंटर इंटेलिजेंस विंग के ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडीशन सेल (ओ.एफ.टी.ई.सी.) ने केंद्रीय एजेंसियों के तालमेल से दविंदर बंबीहा गिरोह के तीन वांछित कार्यकर्ताओं की सुरक्षित प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया है। यह जानकारी पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।

प्रत्यर्पित किए गए आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस बहिबल, निवासी फरीदकोट और अजय सिंह तथा पवनदीप सिंह, निवासी श्री गंगानगर, राजस्थान के रूप में हुई है।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मलेशिया से भारत लाए गए तीनों आरोपियों को पंजाब पुलिस ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया और बाद में आगे की जांच के लिए उन्हें पंजाब लाया गया।

डीजीपी ने कहा कि ये तीनों आरोपी मलेशिया स्थित दविंदर बंबीहा गिरोह के प्रमुख गुर्गे हैं और इनके पाकिस्तान की आईएसआई से भी संबंध हैं। उक्त तीनों आरोपी हत्या, जबरन वसूली, विस्फोटक और लुधियाना में हैंड ग्रेनेड विस्फोट की योजना बनाने सहित कई मामलों में वांछित हैं।

अधिक विवरण साझा करते हुए, अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी) काउंटर इंटेलिजेंस अमित प्रसाद ने कहा कि इन तीनों भगोड़ों का प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी एक निरंतर खुफिया-आधारित कार्रवाई का परिणाम है, जो कई महीनों तक जारी रही, जिसके दौरान भगोड़ों की गतिविधियों पर बारीकी से नज़र रखी जा रही थी। उन्होंने कहा कि पूर्ण समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप उन्हें मलेशिया में हिरासत में ले लिया गया और भारत भेज दिया गया।

इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) ओ.एफ.टी.ई.सी. आशीष चौधरी ने बताया कि आरोपी जसप्रीत उर्फ जस बहिबल जून 2019 में मलेशिया गया था, जहां वह एक भगोड़े गैंगस्टर के संपर्क में आया, उसी के माध्यम से वह दविंदर बंबीहा गिरोह में शामिल हुआ और धीरे-धीरे गिरोह के महत्वपूर्ण कार्यकर्ता के रूप में उभरा। उन्होंने कहा कि आरोपी को 2025 में यादविंदर सिंह और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के पूर्व आगू जीवनजोत सिंह चाहल उर्फ जुगनू के ड्राइवर की हत्या के मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया है।

आईजीपी ने बताया कि आरोपी अजय सिंह और पवनदीप सिंह भी दविंदर बंबीहा गिरोह के प्रमुख गुर्गें हैं, जिन्होंने 2025 में अपने अन्य गुर्गों को लुधियाना शहर में हैंड-ग्रेनेड विस्फोट करने का काम सौंपा था। हालांकि, लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस द्वारा 27 अक्टूबर, 2025 को उनके दो साथियों की गिरफ्तारी से हमला टाल दिया गया था और उनके कब्जे से चीन में बना एक पी-86 हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया गया था।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर, पंजाब पुलिस ने विदेशों में बैठे अपराधियों तक पहुंच बनाने और उनकी प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ओ.एफ.टी.ई.सी. की स्थापना की है, ताकि ऐसे आरोपियों को कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए पंजाब वापस लाया जा सके।


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