अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे: ढिल्लों
जालंधर ब्रीज: आज पंजाब के अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें मुख्य रूप से एडवोकेट एन.के. वर्मा, कन्वीनर, लीगल सेल, भाजपा पंजाब,श्री एस.एस. कुंद्रा, कन्वीनर, जॉइंट एक्शन कमेटी एवं प्रधान, नवांशहर बार एसोसिएशन, एस.एस. सिद्धू, प्रधान, बार एसोसिएशन मोगा, परमप्रीत सिंह बाजवा, सचिव, पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन, भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष श्री केवल सिंह ढिल्लों से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने ढिल्लों को पंजाब के अधिवक्ताओं के समक्ष उत्पन्न गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) व्यवस्था, जिसे विधि एवं न्याय मंत्रालय तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय की नीति के तहत लागू किया गया है, के कारण सामान्य अधिवक्ताओं के कार्य एवं आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के पेशेवर कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
प्रतिनिधिमंडल में उपरोक्त के इलावा अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता अमरिंदर सिंह (प्रधान, फिल्लौर बार एसोसिएशन), प्रेमजीत सिंह हुंदल पूर्व सेक्रेटरी हाई कोर्ट, परवीन रोहिला, सतीश बाल्यान, बी.एस. भाटिया, कृष्ण सिंह, रामबिलास गुप्ता, अमित गंभीर, दीपक रोहिला तथा अन्य अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में केवल सिंह ढिल्लों से आग्रह किया कि एलएडीसीएस व्यवस्था से उत्पन्न समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाने हेतु केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से यह मुद्दा उठाया जाए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री केवल सिंह ढिल्लों ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस विषय पर शीघ्र ही केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल से विस्तार से चर्चा करेंगे तथा अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए इस मामले का सकारात्मक एवं शीघ्र समाधान कराने का पूरा प्रयास करेंगे।
इस अवसर पर एडवोकेट एन.के. वर्मा, कन्वीनर, लीगल सेल, भाजपा पंजाब ने कहा कि वे भाजपा के मंच पर पहले से ही इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं तथा केंद्र सरकार से वार्ता कर इसका शीघ्र समाधान करवाने का हरसंभव प्रयास करेंगे, ताकि पंजाब के अधिवक्ताओं की लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
उल्लेखनीय है कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) व्यवस्था के कारण पूरे पंजाब के लगभग 70,000 अधिवक्ता प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। इसी के विरोध में प्रदेश की विभिन्न बार एसोसिएशनों के अधिवक्ता अपनी-अपनी बारों में क्रमिक भूख हड़ताल एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन चला रहे हैं तथा सरकार से इस व्यवस्था की समीक्षा कर अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा करने की मांग कर रहे हैं।

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