April 6, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

बाजवा ने मोहाली में “जबरन भूमि अधिग्रहण” को लेकर भगवंत मान पर तीखा हमला बोला

Share news

जालंधर ब्रीज: पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने आज मोहाली जिले में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला। इस अवसर पर पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पुडा भवन के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को अपना पूर्ण समर्थन दिया।

बाजवा ने आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली पंजाब सरकार और गमाडा पर “भूमि लूट तंत्र” चलाने का आरोप लगाया और कहा कि मोहाली के गांवों में उपजाऊ कृषि भूमि को जबरन अधिग्रहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने न्याय, पारदर्शिता और सहमति जैसे मूल सिद्धांतों को पूरी तरह त्याग दिया है और अब दबाव व मनमानी का रास्ता अपना लिया है। बाजवा ने कहा, “यह उन किसानों के साथ सीधा विश्वासघात है जिन्होंने भगवंत मान को सत्ता में पहुंचाया। सत्ता के नशे में चूर मुख्यमंत्री सड़कों पर संघर्ष कर रहे किसानों की ओर से आंखें मूंद बैठे हैं।”

तत्काल सुधारात्मक कदमों की मांग करते हुए बाजवा ने दोहराया कि 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून, जिसे मनमोहन सिंह सरकार ने लागू किया था, उसके प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों की सहमति के बिना एक इंच भूमि भी अधिग्रहित नहीं की जानी चाहिए और उचित मुआवजा तथा पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सरकार की नीतिगत विफलताओं पर निशाना साधते हुए बाजवा ने कहा कि कई महत्वपूर्ण निर्णयों को कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ा है। 65,000 एकड़ भूमि पूलिंग और फार्महाउस नीति को राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने रोक दिया, जिससे पर्यावरणीय और प्रक्रियागत खामियां उजागर हुईं। पंजाब एकीकृत भवन नियमों के तहत एफएसआई बढ़ाने के निर्णय को भी रोक दिया गया, जबकि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पीएसपीसीएल की 50 एकड़ भूमि की बिक्री पर भी रोक लगा दी—जो मान सरकार की मनमानी और जनविरोधी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

अपना समर्थन दोहराते हुए बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और किसानों की भूमि की इस “दिनदहाड़े लूट” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जबरन भूमि अधिग्रहण तुरंत रोका जाए और किसानों के साथ सार्थक बातचीत शुरू की जाए, अन्यथा कांग्रेस के पूर्ण समर्थन के साथ आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।


Share news