जालंधर ब्रीज:
प्रधान मंत्री ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधन करते हुए कहा कि भारत सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान एक लाख करोड़ रुपए की कृषि आधारभूत संरचना को अनुमति दी है। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत की प्राथमिकता है आत्मनिर्भर कृषि क्षेत्र व आत्मनिर्भर किसान।
भारत के किसान न केवल भारत के नागरिकों हेतु, बल्कि अन्य भी ज़रूरतमन्द देशों के लिए अनाज की आपूर्ति करते हैं। हमें उन्हें बंधन मुक्त करवाना है और हम ने यह कर दिया है। किसान स्वेच्छा से अपनी शर्तों पर अपनी उपज देश या दुनिया के किसी कोने में नहीं बेच सकते थे परन्तु अब ऐसे कोई बंधन नहीं होंगे।
किसान की आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक उपायों संबंधी बोलते हुए प्रधान मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि की लागतें कम करने हेतु निरंतर कार्यरत है तथा किसानों हेतु मधुमक्खी पालन, मतस्य पालन, पोल्ट्री जैसे मार्ग उपलब्ध रहेंगे, ताकि उनकी आय दोगुनी हो सके। अतः उनकी फ़सलों के बेहतर मूल्य मिलेंगे तथा वे विदेशी बाज़ारों तक पहुंचने के योग्य होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष आर्थिक ज़ोन स्थापित किए जाएंगे।श्री मोदी ने कहा कि सरकार ने ‘किसान उत्पादक संगठन’ (एफ़पीओ) स्थापित करने का प्रयत्न किया है,जो किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु दीर्घकाल तक सहायक होगा।

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