February 10, 2026

Jalandhar Breeze

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आप सरकार के शासन में पंजाब की जेलें जंग का मैदान बनती जा रही हैं: बाजवा

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जालंधर ब्रीज: पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने बुधवार को केंद्रीय जेल, लुधियाना में कैदियों के बीच हुई हिंसक सांप्रदायिक झड़प को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की जेल प्रशासन व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने का गंभीर प्रमाण है।

बाजवा ने कहा कि इस घटना में जेल अधीक्षक कुलवंत सिंह सिद्धू सहित कई जेल अधिकारी घायल हुए, जिससे कैदियों की निगरानी, सुरक्षा इंतज़ामों और संकट प्रबंधन में गंभीर और अक्षम्य चूक उजागर हुई है। प्रारंभ में दो और तीन कैदियों के बीच हुई झड़प उस समय बेकाबू हो गई जब कैदियों ने जेल परिसर के बगीचे में खुले पड़े ईंट-पत्थरों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर लिया, जिससे एक उच्च-सुरक्षा जेल जंग के मैदान में तब्दील हो गई।

इस घटना को राजनीतिक और प्रशासनिक विफलता करार देते हुए बाजवा ने जेल मंत्री ललजीत सिंह भुल्लर, जिन्होंने सितंबर 2024 में विभाग का कार्यभार संभाला था, की भूमिका और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “एक उच्च-सुरक्षा जेल के भीतर ईंट-पत्थरों का खुलेआम उपलब्ध होना इस बात का प्रमाण है कि खतरे को न सिर्फ नजरअंदाज किया गया, बल्कि उसे पूरी तरह टाला भी जा सकता था। इससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि जेल प्रशासन समय रहते हालात पर काबू पाने में पूरी तरह विफल रहा।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लुधियाना की घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है, बल्कि आप सरकार के कार्यकाल में पंजाब की जेलों के भीतर लगातार बढ़ती हिंसा के खतरनाक सिलसिले का हिस्सा है। उन्होंने याद दिलाया कि अप्रैल 2024 में संगरूर जेल में देर रात कैदियों के बीच हुई झड़प में दो कैदियों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।

बाजवा ने चेतावनी दी कि जेलों के भीतर बार-बार हो रही हिंसक घटनाएँ अनुशासन, शासन और सुधार व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, जिम्मेदारी तय करने और जेल सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की मांग की, ताकि पंजाब की जेलें और अधिक अराजकता व कानूनहीनता की ओर न धकेली जाएँ।


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