जालंधर ब्रीज: राज्य कर जालंधर-1 के सहायक आयुक्त डॉ. अनुराग भारती के नेतृत्व में फर्जी इनवॉइस घोटाले में 14.09 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाला आरोपी कपिल पुत्र राजिंदर कुमार निवासी मकसूदां जालंधर को पंजाब वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 132 के तहत आज आधी रात के बाद लुधियाना से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई राज्य कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल आईएएस और उप आयुक्त राज्य कर जालंधर दरवीर राज कौर के मार्गदर्शन में की गई।
डॉ. अनुराग भारती सहायक आयुक्त जालंधर-1 ने जानकारी दी कि आरोपी कपिल कुछ सामान्य व्यक्तियों के नाम और दस्तावेजों का उपयोग कर फर्जी फर्में चला रहा था जिन्हें वह आर्थिक लाभ का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। मास्टरमाइंड द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली के अनुसार उसने कागज़ों पर 4 फर्में संचालित कीं जो कि जीएसटी अधिनियम के तहत पंजीकृत थीं लेकिन इन फर्मों ने अपने पंजीकृत ठिकानों पर कोई वास्तविक व्यवसायिक गतिविधि नहीं की। इस प्रकार आरोपी ने बिना किसी वास्तविक वस्तु की आपूर्ति किए फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी किए और 14.09 करोड़ रुपये की अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास की।
डॉ. अनुराग भारती ने यह भी बताया कि आरोपी ने यह अपराध जालंधर में किया और बाद में अपने परिवार सहित लुधियाना भाग गया था। राज्य जीएसटी विभाग आरोपी की गतिविधियों और ठिकानों पर लगातार नजर बनाए हुए था। अंततः उसे लुधियाना स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने आगे बताया कि जांच अधिकारी अरशदीप सिंह एसटीओ ने जीएसटी अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन किया है और अब आरोपी को न्यायिक प्राधिकरणों के समक्ष पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी। अभियोजन की कार्यवाही और अदालत में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समयानुसार पूरी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी बताया कि उन फर्मों की जांच की जा रही है जिन्होंने इस अवैध आईटीसी का लाभ उठाया है और उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूरे ऑपरेशन को अरशदीप सिंह एसटीओ (जांच अधिकारी), शलिंदर सिंह एसटीओ और अन्य कार्यालय स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दिया गया।

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