February 12, 2026

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राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘आई, मी एंड मायसेल्फ’ के लिए महाराष्ट्र के चित्रकार निलेश वेदे को प्रदान किया राष्ट्रीय पुरस्कार

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जालंधर ब्रीज: महाराष्ट्र के प्रसिद्ध चित्रकार निलेश रविंद्र वेदे ने अपनी उत्कृष्ट कृति “आई, मी एंड मायसेल्फ” के लिए ललित कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया है।

यह सम्मान भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित 64वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के अवसर पर प्रदान किया। इस गरिमामयी समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, अतिरिक्त सचिव अमिता प्रसाद साराभाई और ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. नंदलाल ठाकुर भी उपस्थित रहे।

देशभर से प्राप्त 5,922 कलाकृतियों में से वेदे की पेंटिंग को इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया। उनकी कला साधना में दर्शन, प्रतीक और रूपक का अद्वितीय संगम दिखाई देता है, जो मानवीय संवेदनाओं को जीवन की वास्तविकताओं और चिंतनशील विचारों के साथ सहज रूप से जोड़ता है।

समारोह में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत की आर्थिक शक्ति के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “कला सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने और समाज को अधिक संवेदनशील बनाने का एक प्रभावशाली माध्यम है।” उन्होंने यह भी प्रसन्नता व्यक्त की कि ललित कला अकादमी इस वर्ष कलाकारों की कलाकृतियों की बिक्री को प्रोत्साहित कर भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “कला और रचनात्मकता किसी राष्ट्र की पहचान को प्रतिबिंबित करती है और जब वे घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों का हिस्सा बनती हैं तो राष्ट्रीय चेतना को और अधिक प्रबल करती हैं।”

इस राष्ट्रीय सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए निलेश वेदे ने कहा:

“मुझे लगता है कि यह पुरस्कार केवल मेरी एक पेंटिंग को नहीं, बल्कि मेरी संपूर्ण कलायात्रा को समर्पित है। मैं यह सम्मान हर उस व्यक्ति को समर्पित करता हूं, जिसने मेरी कला पर विश्वास किया और मेरी कलायात्रा में मेरा साथ दिया। मैं इसे मात्र पुरस्कार नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत मानता हूं। इस मान-सम्मान की गरिमा को बनाए रखने के लिए मैं अपनी कलासाधना को निरंतर समर्पण के साथ जारी रखूंगा। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं समाज के लिए काम करता रहूंगा और भारतीय कला और संस्कृति को और अधिक समृद्ध करने में योगदान दूंगा।”

संस्कृति मंत्रालय से छात्रवृत्तियाँ प्राप्त कर चुके तथा प्रफुल्ल दहनुकर फाउंडेशन से राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित वेडे अब तक छह एकल प्रदर्शनी लगा चुके हैं और 30 से अधिक समूह प्रदर्शनी में हिस्सा ले चुके हैं, जिनमें मुंबई की प्रतिष्ठित जहांगिर आर्ट गैलरी भी शामिल है। उनकी कलाकृतियाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शित हुई हैं और वे 30 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आर्ट कैंप में आमंत्रित किए जा चुके हैं।

उनकी पेंटिंग्स भारत और विदेश के कई प्रसिद्ध संग्रहों का हिस्सा हैं, जिनमें डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, सलमान खान, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, सुभाष घई, ऋतिक रोशन, सोनाक्षी सिन्हा, महेश मांजरेकर, अनुपम खेर, हर्ष गोयंका, बोनी कपूर, आरिफ ज़कारिया सहित पुणे वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, डाबर लिमिटेड और फैबर-कैसल जैसी संस्थाएँ शामिल हैं।

यह सम्मान न केवल वेडे की रचनात्मक दृष्टि और तकनीकी दक्षता की पुष्टि करता है, बल्कि महाराष्ट्र को भारत की सांस्कृतिक उत्कृष्टता के राष्ट्रीय मानचित्र पर गर्व से स्थापित भी करता है।


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