May 26, 2026

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सभी परिवारों के सुरक्षित घर लौटने के बाद सभी राहत कैंप बंद हुये: हरदीप सिंह मुंडियाँ

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जालंधर ब्रीज:पंजाब के राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री श्री हरदीप सिंह मुंडियाँ ने आज यहां बताया कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति स्थिर होने के साथ ही सभी राहत कैंप अब बंद कर दिए गए हैं क्योंकि इन कैंपों में रह रहे सभी प्रभावित लोग अपने घरों को लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को आवश्यक राहत सामग्री की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी।

राजस्व मंत्री ने बताया कि पंजाब भर में बाढ़ के चरम दौर के दौरान कुल 219 राहत कैंप खोले गए थे, जिनमें समय-समय पर 8,270 प्रभावित लोगों ने ठहराव किया। उन्होंने कहा कि हालात में सुधार के साथ ही कैंपों की संख्या घटती रही। आज एक भी कैंप सक्रिय नहीं है और सभी प्रभावित परिवार अपने गांवों और घरों को लौट चुके हैं।

बाढ़ के दौरान शुरू किए गए राहत कार्यों पर प्रकाश डालते हुए श्री मुंडियाँ ने कहा कि 1 अगस्त से अब तक लगभग 23,340 प्रभावित लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न ज़िलों के प्रशासन ने कैंपों में अस्थायी आवास, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सेवाओं के साथ-साथ बाढ़ के बाद मलबा हटाने, मृत पशुओं का निपटान, सीवरेज की सफाई और नुकसानी गयी सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत सहित विभिन्न सैनिटेशन उपाय सुनिश्चित किए।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 22 ज़िले और 2,555 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए, जिससे 3,89,445 लोग प्रभावित हुए। उल्लेखनीय है कि बाढ़ के कारण 57 लोगों की जान गई और 4 व्यक्तियों का कोई पता नहीं चला। इसके साथ ही 1,99,926.2 हेक्टेयर फसल क्षेत्र का नुकसान हुआ, जबकि बुनियादी ढांचे और पशुओं के नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

श्री हरदीप सिंह मुंडियाँ ने बताया कि बचाव और राहत कार्यों के लिए एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, सेना, जल सेना की टीमें और बी.एस.एफ. टीमों को नावों और मानवबल के साथ सेवा में लगाया गया। इसके साथ ही विभिन्न ज़िलों के प्रशासन ने पीने के पानी, भोजन के पैकेट और चिकित्सीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की, जबकि पशुओं की देखभाल के लिए वैटेरनरी टीमें तैनात की गईं थीं।


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