जालंधर ब्रीज: डॉ. बी.आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जालंधर ने एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा साबित की है।संस्थान के 20 फैकल्टी सदस्य, जिनमें निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया भी शामिल हैं, दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में स्थान पाने में सफल रहे हैं। यह प्रतिष्ठित रैंकिंग स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और वैश्विक प्रकाशन संस्था एल्सेवियर के सहयोग से तैयार की जाती है और इसे वैज्ञानिक शोध के प्रभाव, गुणवत्ता और वैश्विक मान्यता को मापने के सबसे भरोसेमंद आंकड़ों में से एक माना जाता है, जिसमें 22 मुख्य क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों के वैज्ञानिकों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें उनके शोध उत्पादन, संदर्भ, एच-इंडेक्स, सह-लेखन और लेखक की स्थिति को देखा जाता है।
वैज्ञानिकों को उनके पूरे करियर के योगदान के साथ-साथ हाल के वर्षों में किए गए शोध के लिए भी सम्मानित किया जाता है। इस तरह का मूल्यांकन उनके निरंतर उत्कृष्ट शोध और वैश्विक प्रभाव को उजागर करता है।
इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में शामिल फैकल्टी सदस्य, जिनमें निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया के साथ प्रो. बलविंदर राज, प्रो. विशाल एस. शर्मा, प्रो. बलबीर सिंह कैथ, प्रो. महेंद्र कुमार, प्रो. जे. एन. चक्रवर्ती,
डॉ. समयवीर सिंह, डॉ. मोहित कुमार, डॉ. अमृतपाल सिंह, डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. प्रांग्य रंजन राउत, डॉ. हरप्रीत सिंह, डॉ. उमा शंकर, डॉ. रंचन चौहान, डॉ. प्रीतम कुमार दिक्षित, डॉ. आर. शिवराज, डॉ. अफ़ज़ल सिकंदर, डॉ. करण वीर, डॉ. अरविंदर जीत सिंह और डॉ. विजय राकेश कुमार इस सम्मान के भागीदार बने, जिनके योगदान और मेहनत ने एनआईटी जालंधर को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाई है।
संस्थान के फैकल्टी सदस्य को बधाई देते हुए, निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कहा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि संस्थान के 20 फैकल्टी सदस्य विश्व के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि एनआईटी जालंधर के मजबूत शोध माहौल और अकादमिक प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। संस्थान हमेशा ऐसे उन्नत शोध और नवाचार को बढ़ावा देता है जो वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में योगदान दे। इसी अवसर पर रजिस्ट्रार प्रो. अजय बंसल ने भी इस उपलब्धि की सराहना की और फैकल्टी सदस्यों तथा निदेशक को हार्दिक बधाई दी।
उन्होंने कहा कि फैकल्टी के प्रयास और समर्पित शोध ने संस्थान की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। सभी डीन और फैकल्टी की ओर से भी उन्होंने इस अद्भुत उपलब्धि की सराहना की। यह सफलता एनआईटी जालंधर को वैश्विक शोध के क्षेत्र में मजबूत बनाती है और विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार में संस्थान के विज़न को और सशक्त करती है।

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