जालंधर ब्रीज: दूरसंचार विभाग, हरियाणा एलएसए ने राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई), फरीदाबाद के सहयोग से “विद्युत क्षेत्र में पाँचवीं पीढ़ी प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एनपीटीआई फरीदाबाद में किया। यह पहल दूरसंचार विभाग के देशभर में स्थापित सौ पाँचवीं पीढ़ी उपयोग प्रयोगशालाओं कार्यक्रम का हिस्सा है, जिनमें से एक प्रमुख प्रयोगशाला एनपीटीआई फरीदाबाद में स्थित है।
इस अवसर पर दूरसंचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें महानिदेशक श्रीमती सुनीता चंद्रा, अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार (मुख्यालय) श्रीमती शुभा एन. भांभानी, अतिरिक्त महानिदेशक दूरसंचार हरियाणा एलएसए श्री आर. शाक्य, उप महानिदेशक (प्रौद्योगिकी) हरियाणा एलएसए श्री संजय कुमार, उप महानिदेशक (अनुसंधान) श्री अशोक कुमार और निदेशक (प्रौद्योगिकी) हरियाणा एलएसए श्री करण गोयल शामिल थे।
एनपीटीआई से महानिदेशक डॉ. त्रिप्ता ठाकुर, प्रधान निदेशक डॉ. एस. सेल्वम और निदेशक डॉ. एन. के. श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यशाला में सौ से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें विद्युत उत्पादन, प्रसारण और वितरण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल थे। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता विशेषज्ञों ने की और वक्ताओं में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद, प्रमुख उद्योग संस्थान, नवाचार आधारित इकाइयाँ और सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इस कार्यशाला ने नीति-निर्माताओं, उद्योग नेताओं, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर पाँचवीं पीढ़ी तथा संबद्ध प्रौद्योगिकियों—कृत्रिम बुद्धिमत्ता, यंत्र अधिगम, वस्तुओं का इंटरनेट, मानव रहित यान तथा अंतरिक्ष आधारित नवाचारों—की भूमिका पर चर्चा की। विचार-विमर्श का केंद्र बिंदु नई पीढ़ी की संचार तकनीकें, नवीन समाधान एकीकरण, अभिनव उपयोग मामलों और बदलते दिग्भ्रमण सुरक्षा परिदृश्य पर रहा।

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