जालंधर ब्रीज: सरकार की “लैंड पूलिंग” पॉलिसी के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने आज मोहाली में ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) दफ्तर के बाहर ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। PCC प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू की अगवाई में हज़ारों वर्करों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान ज़मीन pooling नीति के विरोध में ज़ोरदार नारेबाज़ी की गई और सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की गई।
वडिंग ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार किसानों की कीमती ज़मीन लूटने की चाल चल रही है। उन्होंने कहा, “ये कोई लैंड पूलिंग नहीं, ये लैंड लूटिंग पॉलिसी है। कौन देगा अपनी एक एकड़ ज़मीन सिर्फ़ 1000 गज के बदले?”
वडिंग ने भगवंत मान को नसीहत दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी किसानों के दबाव में आकर तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े थे। उन्होंने चेताया, “किसान अपनी ज़मीन के लिए कुछ भी कर सकता है,” और कहा कि कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में किसानों के साथ खड़ी है।
LOP प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “भगवंत मान सरकार लोगों को बेवकूफ बना रही है कि ये योजना स्वैच्छिक है, जबकि सच्चाई ये है कि इसमें LAAR नाम की क्लॉज़ जोड़ी गई है जिसके ज़रिए सरकार ज़मीन जबरन ले सकती है।” उन्होंने कहा कि AAP की ये पॉलिसी सिर्फ़ “लैंड लूट” है, और कहीं से भी इसकी कोई डिमांड नहीं है।
कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री के नाम एक मेमोरेंडम GMADA एडमिनिस्ट्रेटर को सौंपा गया, जिसमें इस नीति को फौरन रद्द करने की मांग की गई। मेमोरेंडम में कहा गया कि ये नीति पंजाब के लिए पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों के लिहाज़ से विनाशकारी होगी।
जनता को संबोधित करते हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा, “चाहे कुछ भी हो जाए, हम सरकार को किसानों की ज़मीन हड़पने नहीं देंगे। इस ज़ुल्म को रोकने के लिए हम खून देने को तैयार हैं। भगवंत मान कह रहे हैं ये योजना स्वैच्छिक है — ये सफेद झूठ है। सरकार ने किसानों को ऐसी हालत में ला दिया है कि न वो ज़मीन बेच सकते हैं, न उस पर लोन ले सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने सारे अधिकार दिल्ली को सौंप दिए हैं। कुर्सी बचाने के लिए किसानों से ग़द्दारी की है।”
उन्होंने कहा कि हमारे किसानों को सबसे ज़्यादा फ़ायदा तब हुआ जब पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने लैंड एक्विज़िशन एक्ट लाया, जिसमें किसानों को उनकी ज़मीन का ज़्यादा से ज़्यादा मुआवज़ा मिलना सुनिश्चित किया गया।
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ के अकाली-बीजेपी गठबंधन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वडिंग ने कहा कि ये दोनों पहले से मिले हुए हैं और अब ज़मीन खिसक चुकी है इसलिए एक-दूसरे का सहारा ढूंढ रहे हैं। उन्होंने तंज़ कसा, “अगर ये मिल भी जाएं तो भी फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, ज़मीन दोनों की जा चुकी है। ज़ीरो में ज़ीरो जोड़ो, तो भी ज़ीरो ही आता है।”
इस मौक़े पर मौजूद नेताओं में AICC सचिव रविंदर दलवी, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखपाल सिंह खैहरा, बलबीर सिंह सिद्धू, कैप्ट संदीप संधू, गुरकीरत कोटली, काका रणदीप नाभा, साधु सिंह धर्मसोत, जसबीर डिम्पा, हरमिंदर गिल, कुलजीत नागरा, नवतेज चीमा, कुलदीप वैद, गगनदीप सिंह बॉबी, गुरशरण कौर रंधावा, मोहित मोहिंद्रा, रणजीत सिंह जीती और अन्य मौजूद थे।

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