April 11, 2026

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सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराएं: डिप्टी कमिश्नर

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जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने आज जिले के सभी बैंकों से कहा कि वे सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को अधिक से अधिक ऋण प्रदान करें ताकि ये संस्थाएं और मजबूत हो सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को विभिन्न व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक ऋणों की जानकारी दी जाए ताकि वे ऋण लेकर अपने व्यवसाय शुरू कर सकें।डिप्टी कमिश्नर ने बैंकों को प्राथमिकता क्षेत्र के लिए कर्जे जारी करने की दर पर तसल्ली प्रकट करते हुए कहा कि जिले में प्राथमिक क्षेत्र के कर्जे की तय दर 40 प्रतिशत के स्थान पर बैंकों ने 57.42 प्रतिशत दर्ज की है व कुल प्राथमिक व गैर प्राथमिक क्षेत्र के कर्जों की दर 84.73 प्रतिशत रही है जो कि प्रशंसनीय है।

स्थानीय जिला प्रशासनिक परिसर में विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए आयोजित त्रैमासिक बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने कहा कि बैंक लोगों को विभिन्न ऋणों, खासकर किसानों, युवाओं, गृहणियों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दें ताकि वे इन ऋणों का सही लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि डीआरआई ब्याज दर के तहत गरीब परिवारों को भी अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराया जाए ताकि वे आर्थिक मजबूती के साथ-साथ अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकें। उन्होंने बैंकों से कहा कि सरकारी आधारित कार्यक्रमों जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी योग्य लाभार्थियों को लाभ पहुंचाएं।

डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि जिले में नए छोटे-बड़े उद्योगों और औद्योगिक इकाइयों को भी निर्धारित समय के भीतर ऋण उपलब्ध कराए जाएं, जिससे जिले में औद्योगिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों। उन्होंने बैंकों को विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन द्वारा बैंकों से संबंधित गतिविधियों के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा ताकि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।इस दौरान जिला लीड मैनेजर चेतन जोशी और आरबीआई के एलडीओ संजीव सिंह ने डिप्टी कमिश्नर को विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन के बारे में आवश्यक जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 तक जिले में कुल 7286.91 करोड़ रुपए के ऋण दिए गए, जिनमें से 4831.53 करोड़ रुपए प्राथमिकता क्षेत्र और 2455.38 करोड़ रुपए गैर-प्राथमिकता क्षेत्र से संबंधित थे। इस मौके पर नाबार्ड के डीडीएम रजत छाबड़ा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।


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