जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर अमित कुमार पांचाल ने कहा कि छोटे बच्चों के बोरवेल में गिरने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
उन्होंने कहा कि आदेशों के अनुसार सभी खाली बोरवेलों और ट्यूबवेलों को उचित रूप से भरना और ढकना आवश्यक है ताकि कोई भी बच्चा उन तक न पहुंच सके। उन्होंने कहा कि भू-स्वामी और बोरवेल खोदने वाली एजेंसियां यह कार्य सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय टीमें लोगों को खुले बोरवेलों से होने वाले खतरों के बारे में जागरूक करें ताकि जमीनी स्तर पर लोगों को खुले बोरवेलों से होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में जागरूक किया जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि बोरवेल ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेंगे कि बोरवेल खोदते या मरम्मत करते समय चेतावनी संकेत लगाए जाएं तथा जिला स्तरीय टीम बोरवेलों का नियमित निरीक्षण करने के साथ-साथ बोरवेलों के आसपास सुरक्षा प्रबंधों का भी निरीक्षण करेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बोरवेल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

More Stories
मेहरचंद पॉलिटेक्निक में नेत्रहीन विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर लैब स्थापित
विकसित भारत’ के सपने और उच्च नैतिकता का एक उत्कृष्ट संगम ‘मिज़ोरम’
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय कार्यक्रम में प्रो. डॉ. संजय अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी का संबोधन