जालंधर ब्रीज: कृषि व किसान भलाई विभाग होशियारपुर प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग और फसल अवशेषों को न जलाने से संबंधित पर्यावरणीय तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चला रहा है। जिला होशियारपुर के कई प्रगतिशील किसानों ने इन तकनीकों को अपनाकर सराहनीय कार्य किया है, जिनमें से एक हैं गांव तलवंडी के प्रगतिशील किसान अमरीक सिंह।
अमरीक सिंह ने पराली को जलाने के बजाय सुपर सीडर तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पराली को खेत में ही मिलाने का तरीका अपनाया है। वे और उनके भाई हरजीत सिंह टॉनी के साथ मिलकर कुल 87 एकड़ में गेहूं और धान की खेती करते हैं। पिछले तीन साल से वे धान की पराली को खेत में मिलाकर गेहूं की बुवाई कर रहे हैं।
अमरीक सिंह बताते हैं कि उन्होंने कभी भी पराली नहीं जलाई और उनकी देखादेखी अन्य किसान भी धीरे-धीरे सुपर सीडर का इस्तेमाल करके पराली का प्रबंधन करने लगे हैं। उनका कहना है कि पराली को खेत में मिलाने से उनकी भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ी है और उन्हें सिफारिश की गई खाद से अधिक खाद डालने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे उनका खर्चा कम हुआ है और शुद्ध आमदनी में भी वृद्धि हुई है। अमरीक सिंह को साल 2023 में पराली की उचित संभाल के लिए कृषि और किसान भलाई विभाग, होशियारपुर द्वारा सम्मानित भी किया गया है।

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