जालंधर ब्रीज: पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के नेतृत्व में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने ट्रैफिक स्टाफ और पीसीआर को जोड़कर गठित आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (ईआरएस) अपराधियों पर नकेल लगाने में कारगर साबित हो रही है।
पुलिस आयुक्त ने जानकारी देते हुए कहा कि ईआरएस की शुरूआत से एक तरफ शहर में सुरक्षा मजबूत करने तो दूसरी तरफ अपराधियों को पकड़ने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ईआरएस ने हाल ही में दो स्नैचरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्वपन शर्मा ने बताया कि जेब्रा 24 (एएसआई धनेश कुमार एवं जगविन्दर सिंह के नेतृत्व में) एवं ए.एस.आई. हरभंस सिंह के नेतृत्व में रोमियो 59 वाहन उस समय अलर्ट हो गया जब उन्होंने दो युवकों को शहर में संदिग्ध हालत में घूमते देखा।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पुलिस ने युवकों की पहचान संजय पुत्र सुरिंदर कुमार निवासी डब्ल्यूई 47 छोटाली मोहल्ला नजदीक तेलां वाली गली ज्योति चौक जालंधर और अमनदीप सिंह पुत्र गुरप्रीत सिंह निवासी बस्ती पीर दाद गली नंबर 11 एच के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि जांच और तलाशी के दौरान पुलिस को 7 मोबाइल फोन और एक्टिवा नंबर पीबी08-ईके-5141 बरामद हुआ। स्वपन शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दोनों युवक शहर में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते थे, जिसके बाद उन्हें बस्ती बावा खेल थाने के हवाले कर दिया गया और एफआईआर नंबर 19 दिनांक 29.01.2024 थाना सदर में धारा 411, 34, 379-बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है।

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