जालंधर ब्रीज:राशन कार्ड के बिना लोगों को सरकार निःशुल्क रसद प्रदान करवा रही है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ पैकेज के अंतर्गत, भारत सरकार ने ऐसे लगभग 8 करोड़ प्रवासी मज़दूरों को मई व जून 2020 दो माह हेतु प्रत्येक माह 5 किलोग्राम के हिसाब से अनाज निःशुल्क प्रदान करवाने का निर्णय लिया है; जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) अथवा राज्य की योजना पीडीएस कार्डस के अंतर्गत नहीं आते। इस योजना को क्रियान्वित करने पर लगभग कुल 3,500 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसका संपूर्ण भुगतान भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।
हरियाणा के एक डिपो धारक सन्तोष कुमार ने बताया कि उन सभी को राशन दिया जा रहा है, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के बाद सभी लाभार्थियों को रसद वितरण हेतु टोकन दिए गए हैं। हरियाणा की गुर्जन, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है, ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए राशन मिलने की पुष्टि की। हरियाणा के पंचकूला से महेन्द्र कुमार ने कहा कि इस समय उनके पास राशन कार्ड नहीं है, सर्वेक्षण के उपरान्त उन्हें टोकन प्राप्त हुआ था, जिसके द्वारा उन्हें राशन लेने में सहायता मिली।
29 मई को मीडिया के साथ हालिया वीडियो कान्फ्ऱेंस के दौरान, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री, श्री राम विलास पासवान ने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ योजना के अंतर्गत प्रवासियों / फंसे प्रवासियों की पहचान राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा अपने तरीकों से की जा सकती है तथा व्यक्तियों के आधार, यदि उपलब्ध हो, का उपयोग यह ज्ञात करने हेतु किया जा सकता कि वह व्यक्ति एनएफएसए या राज्य की पीडीएस योजना के अंतर्गत कवर है अथवा नहीं। राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश की इस योजना का लाभ किसी भी निर्धन / ज़रूरतमन्द प्रवासी / फंसे प्रवासी को दे सकते हैं जिन्हें भोजन नहीं मिल रहा तथा जो एनएफएसए या राज्य की पीडीएस योजनाओं के अंतर्गत नहीं आते।




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