जालंधर ब्रीज: पंजाब विधान सभा के स्पीकर स. कुलतार सिंह संधवां द्वारा प्रसिद्ध विज्ञानी और कुदरती स्वास्थ्य प्रणाली के माहिर पद्मश्री डॉ. खादर वली से ”मिलेट की ख़ुराक के साथ रोग मुक्त, स्वस्थ जीवन-शैली” विषय पर संवाद प्रोग्राम करवाया गया।
अपनी सरकारी रिहायश में रखे संक्षिप्त प्रोग्राम के मौके पर विचार-विमर्श के दौरान स्पीकर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 2023 को “मोटे अनाज का अंतरराष्ट्रीय वर्ष” घोषित गया है। उन्होंने कहा कि मिलेट मनुष्य के लिए सबसे पुराने जाने जाते भोजनों में से एक है। मोटा या मूल अनाज सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि कुदरत के लिए भी लाभदायक है क्योंकि छोटे बीजों वाली यह फ़सलें मौसम में होने वाली तबदीलियों के अनुसार लचीली होती हैं और इस अनाज की पैदावार के लिए पानी की खपत भी कम होती है।
विचार-चर्चा के दौरान ‘मिलेटमैन ऑफ इंडिया’ पद्मश्री डॉ. खादर वली ने बताया कि मोटे अनाज से तैयार किया गया भोजन खाने से बीमारियों से छुटकारा मिलता है क्योंकि यह मूल अनाज प्रोटीन, फाइबर और अन्य तत्वों से भरपूर होता है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल को संतुलित रखते हैं। उन्होंने कहा कि सेहतमंद ज़िंदगी जीने के लिए हमें कुदरती या मूल अनाज की तरफ मुड़ना होगा।
इस मौके पर डॉ. वली ने समागम में मौजूद शख्सियतों को प्रोटीन, फाइबर और तत्वों से भरपूर मूल अनाज को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।
समागम के उपरांत मेज़बान स. कुलतार सिंह संधवां द्वारा मोटे अनाज जैसे कोधरा, कंगनी, रागी, ज्वार, बाजरा, हरी कंगनी और सवांक आदि से तैयार खाना स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह, खेल और वातावरण मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर सहित विधायकों और अलग-अलग विभागों के अधिकारियों ने खाया। इस मौके पर खेती विरासत मिशन से श्री उमेंदर दत्त भी मौजूद थे।

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