जालंधर ब्रीज:मुख्यमंत्री भगवंत मान की वचनबद्धता अनुसार अमन-कानून के पक्ष से ड्यूटी में कोताही और लापरवाही करने वालों को सख़्त संदेश देते हुए पंजाब पुलिस ने रविवार को सात जेल अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें से पाँच को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किये व्यक्तियों में ड्यूटी के दौरान लापरवाही और कथित तौर पर जेल में कैदियों के साथ मिलीभुगत करके वीडियो लीक करने के मामले में शामिल केंद्रीय जेल, गोइन्दवाल साहिब का सुपरडैंट भी शामिल है।
केंद्रीय जेल, गोइन्दवाल साहिब में में रिकार्ड हुई एक वीडियो रविवार को वायरल हुई, जिसमें सचिन भिवानी और उसके साथी 26 फरवरी, 2023 को जेल में दो गुटों के दरमियान हुए गैंगवार के दौरान मारे गए दो गैंगस्टरों की घटना का जि़क्र करते दिखाई दे रहे हैं।
आई. जी. पी. मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल, जो यहाँ पंजाब पुलिस मुख्यालय में एक प्रैस कान्फ्ऱेंस को संबोधन कर रहे थे, ने निलंबित किये गए और गिरफ्तार किये गए पाँच जेल अधिकारियों की पहचान जेल सुपरडैंट इकबाल सिंह बराड़, अतिरिक्त जेल सुपरडैंट विजय कुमार, सहायक जेल सुपरडैंट हरीश कुमार, ए. एस. आई जोगिन्द्र सिंह और ए. एस. आई हरचन्द सिंह के तौर पर की है। जबकि निलंबित किये गए दो अन्य जेल अधिकारियों में अतिरिक्त जेल सुपरडैंट जसपाल सिंह खैहरा और हैड कांस्टेबल सविन्दर सिंह शामिल हैं।
इस सम्बन्धी थाना गोइन्दवाल साहिब में सूचना प्रौद्यौगिकी एक्ट की धारा 66, जेल एक्ट की धारा 52, आई. पी. सी. की धारा 506 और 149 के अंतर्गत एफआईआर नंबर 102 दर्ज की गई है। प्राथमिक तौर पर जेल में बंद कैदियों जिनमें मनप्रीत सिंह उर्फ भाऊ, सचिन भिवानी उर्फ सचिन चौधरी, अंकित लाटी उर्फ अंकित सिरसा, कशिश उर्फ कुलदीप, रजिन्दर उर्फ जोकर, हरदीप सिंह उर्फ मामा, बलदेव सिंह उर्फ निक्कू, दीपक उर्फ मुंडी और मलकीत सिंह उर्फ कीता के खि़लाफ़ केस दर्ज किया गया।
आईजीपी ने कहा कि जांच के बाद पुलिस ने इस एफआईआर में जेल अधिकारियों को उनकी लापरवाही और जेल के कैदियों के साथ मिलीभुगत करके वीडियो शूट करने के लिए नामज़द किया है, जोकि घटना वाले दिन शूट की गई और कुछ दिनों बाद लीक हो गई। उन्होंने कहा कि आरोपी जेल के कैदियों को और पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जायेगा।
उन्होंने कहा कि जेल में घटी इस घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने मुलजिमों को पहले ही अलग-अलग करके राज्य की अलग-अलग जेलों में तबदील कर दिया है।
आईजीपी सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि पंजाब पुलिस को मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से सख़्त हिदायतें दी गई हैं कि यदि कोई भी सरकारी मुलाज़ीम ड्यूटी में लापरवाही करता पाया गया तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाये।
जि़क्रयोग्य है कि पंजाब पुलिस की तरफ से जेलों में चौकसी और बढ़ाई जा रही है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जेलों में सीनियर रैंक के अधिकारियों की तरफ से औचक चैकिंग की जायेगी।

More Stories
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी
मन की बात कार्यक्रम से प्रेरणादायक विचारों की ऊर्जा मिलती है : राकेश राठौर
सर्वोत्तम परिणाम के लिए ड्राफ्ट सिद्धांत का पालन करें: पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. बी. के. एस. संजय