जालंधर ब्रीज: पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहाँ सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों की अलग-अलग अध्यापक जत्थेबंदियों के साथ मीटिंग करके उनकी समस्याओं और माँगों के बारे विस्तार से विचार-विमर्श किया।
कंप्यूटर टीचर्ज यूनियन पंजाब, पंजाब स्टेट एडिड स्कूलज़ टीचर्ज एंड अदर एम्पलाईज़ यूनियन और 3704 अध्यापक यूनियन पंजाब के नुमायंदों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली मीटिंगों के दौरान वित्त मंत्री ने अध्यापक जत्थेबंदियों की माँगों और मुद्दों, जिनमें से ज़्यादातर वेतन, पैंशन और तबादलों से सम्बन्धित थे, को धैर्यपूर्वक सुना। इस दौरान उन्होंने वित्त और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ अध्यापक यूनियनों के मुद्दों के बारे विस्तार में चर्चा की और इनको तुरंत हल करने के लिये कहा।
इस मौके पर वित्त मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारियों को यूनियन नेताओं की तरफ से उठाईं माँगों सम्बन्धी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी हिदायत की कि वह यूनियन नेताओं के साथ ज़रूरत पड़ने पर मीटिंगें करें जिससे जायज़ माँगों का उपयुक्त हल किया जा सके। स. चीमा ने वित्त विभाग के अधिकारियों को इन माँगों से सम्बन्धित वित्तीय प्रभाव के बारे रिपोर्ट तैयार करने के लिए भी कहा।
मीटिंगों के दौरान यूनियनों ने वित्त मंत्री को माँग-पत्र भी सौंपे गए। स. चीमा ने जत्थेबंदियों को भरोसा दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को नयी बुलन्दियों पर ले जाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने अध्यापकों से अपील की कि वह राज्य के हर विद्यार्थी को मानक शिक्षा देने के लिए सरकार की तरफ से किये जा रहे यत्नों का तन-मन से समर्थन करें।

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