पंजाब के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ. राज कुमार वेरका ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्टों की स्थापति के लिए हर सहायता देने का का ऐलान किया है। आज यहां बायो गैस के उत्पादन के लिए देश भगत यूनिवर्सिटी के साथ सोलर प्लांट और बायो डीग्रेडएबल सोलिड कचिन वेस्ट के लिए एक सहमति पत्र को मंजूरी देने के बाद डॉ. वेरका ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सौर्य ऊर्जा की महत्ता बहुत ज़्यादा बढ़ गई है जिस कारण राज्य सरकार की तरफ से सौर्य ऊर्जा प्रोजेक्टों की अहमीयत पर ज़ोर दिया जा रहा है। इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करते समय पर देश भगत यूनिवर्सिटी, मंडी गोबिन्दगढ़ के चांसलर डा. ज़ोरा सिंह भी उपस्थित थे।
इस मौके डॉ. वेरका ने पेडा के प्रोजेक्टों का जायज़ा भी लिया। सी.ई.ओ पेडा नवजोत पाल सिंह रंधावा ने बताया कि पेडा की तरफ से 1700 मेगावाट रीन्यूएबल एनर्जी से सम्बन्धित प्रोजैक्ट स्थापित किये जा चुके हैं, जिसमें से 970 मेगावाट के सोलर पावर प्रोजैक्ट लगाए गए हैं। श्री रंधावा ने यह भी बताया कि पेडा की तरफ से धान की पराली के आधारित अधिक से अधिक प्रोजैक्ट लगाए जा रहे हैं।
कुल 260 टन सी.बी.जी पैदा करने के सामर्थ्य वाले 23 प्रोजैक्ट निर्माणाधीन हैं और इनमें से एशिया का सबसे बड़ा सी.बी.जी प्रोजैक्ट भी है जिसका सामर्थ्य 33.23 टन कम्परैसड बायोगैस (सी.बी.जी) प्रति दिन है। यह प्रोजैक्ट लहरागागा तहसील में दिसंबर, 2021 में चालू हो जायेगा।
इस मौके पर अतिरिक्त डायरैक्टर पेडा जसपाल सिंह और कैबिनेट मंत्री के ओ.एस.डी. श्री अमन शर्मां भी उपस्थित थे।

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