April 12, 2026

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बाबा नानक का असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे, तभी तो हिंदु, सिख और मुसलमान सभी ने समान रूप उन्हें अपना गुरु माना: अश्वनी शर्मा

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जालंधर ब्रीज: 19 नवंबर को समस्त नानक नाम लेवा संगत की तरफ से मनाए जाने वाले साहिब श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश-पर्व से पहले पाकिस्तान स्थित श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर से सड़क के रास्ते जाने वाले पहले श्रद्धालुओं के जत्थे में भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा भाजपा नेताओं के साथ बाबे नानक का आशीर्वाद लेने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब पहुँचे| जहाँ उन्होंने पंजाब की खुशहाली व तरक्की की अरदास की तथा गुरु चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

अश्वनी शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ऐसी भक्त प्रवृति के थे, जिन्हें हिंदु, सिख और मुसलमान सभी समान रूप अपना गुरु मानते हैं। उन्होंने घर-बार छोड़ बहुत दूर-दूर के देशों में भ्रमण किया। बाबा नानक का व्यक्तित्व असाधारण था। उनमें पैगम्बर, दार्शनिक, राजयोगी, गृहस्थ, त्यागी, धर्म-सुधारक, समाज-सुधारक, कवि, संगीतज्ञ, देशभक्त, विश्व-बन्धु सभी के गुण उत्कृष्ट मात्रा में विद्यमान थे। उनमें विचार-शक्ति और क्रिया-शक्ति का अपूर्व सामंजस्य था। लोगों पर उनके विचारों का असाधारण प्रभाव पड़ा। उनकी रचना ‘जपुजी साहिब’ का सिक्ख समाज के लिए वही महत्त्व है, जो हिंदुओं के लिए गीता का है। बाबा नानक की प्रकृति की सरलता और अहंभाव-शून्यता का परिचय मिलता है। बाबा नानक जी सन् 1539 ई. में गुरुगद्दी का भार गुरु अंगद देव जी (बाबा लहना) को सौंप कर स्वयं करतारपुर में ‘ज्योति’ में लीन हो गए। गुरु नानक आंतरिक साधना को सर्वव्यापी परमात्मा की प्राप्ति का एकमात्र साधन मानते थे। वे रूढ़ियों के कट्टर विरोधी थे। शर्मा ने कहा कि बाबा नानक जी के चरण-छोह प्राप्त पावन तीर्थ-स्थली के दर्शन कर मन और आत्मा को बहुत सकून मिला है और हम सब ने सरबत के भले और पंजाब की शांति व् भाईचारे के लिए बाबा जी से अरदास की है। शर्मा ने कहा कि बाबा नानक जी ने हम सभी को ‘किरत करो-वंड छको’ का संदेश दिया। हम सभी को बाबा नानक जी के दर्शाए मार्ग पर चलने की जरुरत है।

प्रदेश भाजपा महासचिव जीवन गुप्ता ने इस संबंधी जानकारी देते हुए श्री करतारपुर साहिब जाने वाले जत्थे में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के साथ सुखवंत सिंह धनौला, जसविंदर सिंह ढिल्लों, एस.एस. चन्नी, हरजीत सिंह गरेवाल, बिक्रमजीत सिंह चीमा, राजिंदर मोहन सिंह छीना, जीवन गुप्ता, डॉ. सुभाष शर्मा, राजेश बागा, तीक्ष्ण सूद, शिवबीर सिंह राजन, मंजीत सिंह राय व के.डी. भंडारी आदि शामिल थे। इन सभी ने गुरु की चरण-छोह प्राप्त धरती श्री करतारपुर साहिब पर बाबा नानक जी की याद में बने गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होकर गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया है।


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